Responsive Ad

Kaali Shakti Ka Badla-एक भय, पछतावा और बदले की सिहरन भरी कहानी



 काली शक्ति का बदला  

इस कहानी की वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है इसके सभी पात्र काल्पनिक है !

Kaali Shakti Ka Badla – एक भय, पछतावा और बदले की सिहरन भरी कहानी 

पहाड़ों की ठंडी हवाओं से घिरे एक छोटे से गाँव कालनगर में लोग आज भी सूर्यास्त के बाद घरों से बाहर नहीं निकलते हैं ।

गाँव की जिंदगी शहर की तरह भीड़ भाड़ वाली नहीं होती हैं …
लेकिन उस गाँव की एक जगह ऐसी थी, जिसे लोग नाम लेते हुए भी डरते थे—

गुलाबी हवेली

कहते हैं, वहाँ सिर्फ दीवारें नहीं बसतीं…
वहाँ अधूरा बदला, टूटी हुई आत्माएँ और काली शक्तियाँ घूमती हैं।

इसी हवेली की वजह से आरव की जिंदगी हमेशा के लिए बदलने वाली थी।


🌑 बहन की तलाश और डर का पहला कदम

आरव की पत्नी सिया तीन हफ्ते से गायब थी।
गाँव वालों ने सौ बार समझाया कि हवेली के पास मत जाना, लेकिन एक पति कितनी देर तक डर में बैठ सकता है?

उस रात, जब हवेली हवा में चीख रही थी,
आरव हाथ में टॉर्च और दिल में डर लेकर अंदर चला गया।

जैसे ही उसने दहलीज़ पार की,
दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया।

एक हल्की आवाज़ उसके कान में फुसफुसाई—

“काफी देर से इंतज़ार कर रहे थे…”

इसके बाद हवेली में गूँजती खामोशी और भी डरावनी हो गई।


🌑 हवेली की कहानी, जो गाँव कभी नहीं बताता

गाँव में पुरानी दादी-नानी की कहानियाँ थीं कि यह हवेली कभी राजघराने की थी।

राजकुमारी अन्वेषा तंत्र-मंत्र जानने की शौकीन थी —
पर शौक और जुनून में फर्क सिर्फ एक कदम का होता है।

अन्वेषा ने forbidden मंत्रों से खेलने की कोशिश की।
मंत्र खुले नहीं… उल्टा उसके ही खिलाफ हो गए।

हवेली की हर ईंट में अब दर्द, चीखें और काली ऊर्जा बसी थी।

लोग कहते थे—
“अन्वेषा का बदला पूरा नहीं हुआ… उसकी छोड़ी शक्तियाँ आज भी राह देखती हैं।”


🌑 आरव को मिला पहला सुराग

हवेली के पुराने कमरे में टूटी खिड़की से चाँदनी अंदर आ रही थी।
धूल उड़ रही थी, लेकिन टॉर्च की एक किरण जैसे किसी चीज़ पर अटक गई।

वह थी—

सिया की लाल चूड़ियाँ।

और उनके पास फर्श पर काले कोयले जैसी स्याही से लिखा था—

“भरोसा तोड़ा… इसका हिसाब देना पड़ेगा।”

आरव के सीने में एक झटका सा लगा।

“सिया… तुमने ऐसा क्या किया?”


🌑 परछाइयों की धमकी

अचानक दीवारों पर लगी परछाइयाँ मानो जिंदा हो गईं।
वे खिंचने, मुड़ने और इंसान जैसे आकार लेने लगीं।

कमरे में ठंडी हवा घूमी और एक भारी आवाज़ गूँजी—

“जिसने forbidden मंत्र छेड़ा…
उसका बदला पूरा होना बाकी है।”

आरव समझ गया कि सिया ने हवेली के रहस्य को जानने की कोशिश की…
लेकिन हवेली ने उसे पकड़ लिया।


🌑 पत्नी की चीख और काली रस्सियाँ

एक तड़पती आवाज़ हवा में गूँजी—

“आरव… मुझे बचाओ… कृपया!”

यह आवाज़ बिल्कुल सिया की थी।

आरव दौड़ता हुआ हवेली के अंदर के एक अंधेरे कमरे में पहुँचा,
जहाँ एक नीली रहस्यमयी रोशनी फैल रही थी।

कमरे के बीचों-बीच सिया खड़ी थी—
लेकिन वह हवा में तैर रही थी,
और काले धुएँ सी रस्सियाँ उसे कसकर पकड़ रही थीं।

सिया रोते हुए बोली—

मुझे नहीं पता था कि ये मंत्र असली हैं…मुझे सोशल मीडिया पर पब्लिसिटी चाहिए थी , पर हवेली ने मुझे अपनी चंगुल मे ही कैद कर लिया !”


🌑 काली शक्तियों का हमला

जैसे ही आरव आगे बढ़ा,
धुआँ उसके चारों ओर घूमने लगा।

वह धुआँ धीरे-धीरे तीन गहरे चेहरे वाला जीव बन गया—
जिनकी आँखों में सिर्फ नफ़रत थी।

वे गरजे—

“एक गलती की सज़ा पूरी दुनिया को चुकानी पड़ती है।”

धुआँ आरव के गले में लिपट कर उसे घोटने लगा।
उसकी सांसें बंद हो रहीं थीं।
आँखों के आगे अंधेरा छाने लगा…

तभी उसे अपनी दादी की बात याद आई—

“डर पर विजय हमेशा ज्ञान से होती है।”


🌑 आरव का संघर्ष — मुक्त करने का मंत्र

आरव ने कांपती आवाज़ में दादी द्वारा सिखाया गया मंत्र बोलना शुरू किया:

“ॐ काली मातंगि नमः,
दोष विनाशिनी देव्यै नमः…”

मंत्र की गूँज हवेली में फैलने लगी।
काली शक्तियाँ पीछे हटने लगीं, चीखने लगीं, काँपने लगीं।

सिया को पकड़े धुएँ की रस्सियाँ टूटने लगीं।
कमरा कांप रहा था।
दीवारों से पुरानी धूल गिर रही थी।

अंततः,
एक तेज़ धमाके के साथ सब शांत हो गया।


🌑 सिया का अंतिम सच

सिया जमीन पर गिरी,
कमजोर लेकिन होश में।

वह धीरे से बोली—

“आरव… तुम आ गए… तुमने मुझे बचा लिया…”

आरव ने उसे कसकर गले लगा लिया,
लेकिन तभी उसके हाथों में अजीब हल्कापन महसूस हुआ।

सिया की देह धुएँ जैसी हल्की हो रही थी।

वह बोली—

“मैं तुम्हें हमेशा याद रखूँगी…
लेकिन लौट नहीं पाऊँगी।”

आरव का दिल टूट गया।

सिया मुस्कुराई—
दर्द भरी, लेकिन शांत मुस्कान थी।

“बदला पूरा हुआ,
लेकिन हवेली अब भी भूखी है…”

और अगले ही पल
सिया हवा में घुल गई।

हवेली फिर शांत हो गई—
पर उसका अपराध कभी खत्म नहीं हुआ।


कहानी का संदेश

कुछ जगहें सिर्फ रहस्य नहीं होतीं…
वह अधूरे बदले का बोझ ढोती हैं।

और काली हवेली अब भी किसी ऐसे इंसान का इंतज़ार कर रही है
जो गलती से forbidden मंत्रों को छूने की कोशिश करे…

क्योंकि काली शक्ति एक बार जाग जाए
तो फिर सोती नहीं—
वह बदला लेती है।

Post a Comment

0 Comments